बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ की हुई बैठक
- बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ की कोर कमेटी की बैठक पटना स्थित भाषा कार्यालय में सम्पन्न हुआ बैठक कैप्टन डॉ संजीव कुमार झा की अध्यक्षता में हुई जिसमें संघ के महासचिव डा. रोहित कुमार, कार्यालय सचिव डा. कुमार सौरभ एवं संयुक्त सचिव डा.राव वीरेंद्र सिंह, प्रमंडलीय सचिव डा.निरंजन कुमार सहित अनेक चिकित्सकों ने भाग लिया। भाषा के महासचिव व मांझी स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. रोहित कुमार ने बैठक में बिहार के स्वास्थ्य केंद्रों में सेवा दे रहे डॉक्टरों के सामने आ रही समस्याओं को अवगत कराते हुए कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही सभी प्रकार के शर्तों को मानने के लिए हम तैयार है. लेकिन सरकार को भी हमारे बारे में सोचना चाहिए. उन्होंने कहा कि इमरजेंसी के वक्त तीन ही लोग ज्यादा काम आते हैं. एक डॉक्टर तो दूसरा फायर ब्रिगेड तो तीसरा पुलिस उन्होंने कहा कि आज भी कई एक प्रखंड के स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित डाक्टरों के रहने के लिए समुचित व्यवस्था नही है. जबकि डाक्टर अपनी परवाह नहीं करते हुए एमरजेंसी सेवा के लिए तैयार रहते है. उन्होंने कहा स्वास्थ्य केंद्र में वतर्मान समय में महिला चिकित्सक की संख्या ज्यादा है. स्वास्थ्य केंद्र में सेवा दे रही महिला डाक्टर, एएनएम,आशा कर्मी को सन्ध्या के समय अस्पताल से सुरक्षित घर लौटना एक गम्भीर समस्या है. उन्हें सुरक्षा मुहैया कराना अत्यंत आवश्यक है. वही अन्य डाक्टरों ने कहा कि राज्य के विभिन्न स्वास्थ्य केन्दों में अपना योगदान दे रहे चिकित्सकों की समस्या एक जैसी है। वही बैठक में निम्न बिंदुओं पर विचार विमर्श किया गया। (1) निजी प्रैक्टिस बंद करने से संबंधित(2) बायोमेट्रिक अटेंडेंस के आधार पर वेतन अवरूध करना(3) DACP मे पद का नाम शामिल करना
(4) विशेषज्ञ चिकित्सकों को सहायक अध्यापक के बहाली में अतिरिक्त अंक प्रदान करना।
(5) प्रशासनिक पदाधिकारी का अनावश्यक हस्तक्षेप करना
(6) अस्थाई ब्यवस्था के तहत बनाए गए नियम का दुर्पयोग कर जिला अंतर्गत चिकित्सा पदाधिकारी का ट्रांस्फर करना
(7) LRP (Leave reserve post) का पद स्वीकृत करना






