*75 लाख की रंगदारी मांगने के मामले में 7 अरेस्ट:नालंदा में जान से मारने की दी थी धमकी, बदमाशों में डांस टीचर-फिल्म मेकर भी शामिल*
नालंदा पुलिस ने कतरीसराय थाना क्षेत्र के एक व्यवसायी से 75 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के हाई-प्रोफाइल मामले का महज तीन दिनों में सफल उद्भेदन किया है। पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर इस गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। अपराधियों ने व्यवसायी को पैसे न देने पर ‘डेमो’ दिखाने और जान से मारने की धमकी देकर दहशत फैला दी थी। *’डेमो’ दिखाने की धमकी से सहम गया था व्यवसायी* कतरीसराय स्थित ‘खान फर्नीचर’ के मालिक को पिछले कुछ दिनों से एक अज्ञात मोबाइल नंबर से लगातार कॉल आ रहे थे। फोन करने वाले अपराधी 75 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। रंगदारी न देने की स्थिति में अपराधियों ने अंजाम भुगतने और हत्या करने की खुली चेतावनी दी थी। व्यवसायी की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक (SP) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत विशेष टीम का गठन किया। *राजगीर SDPO के नेतृत्व में विशेष टीम की कार्रवाई* SP नालंदा के निर्देश पर राजगीर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम बनाई गई। इसमें गिरियक अंचल के पुलिस निरीक्षक, कतरीसराय थानाध्यक्ष और जिला आसूचना इकाई (DIU) के तेजतर्रार अधिकारियों को शामिल किया गया। टीम ने तकनीकी अनुसंधान और सर्विलांस के जरिए अपराधियों के ठिकानों को ट्रैक करना शुरू किया। *बिहारशरीफ और मानपुर में छापेमारी, 7 गिरफ्तार* पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर बिहारशरीफ और मानपुर थाना क्षेत्रों के विभिन्न ठिकानों पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान रौशन कुमार, नीरज उर्फ मनीष, रविशंकर, आर्यन शर्मा, राहुल कुमार, गुड्डु कुमार और प्रेरित कुमार को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपियों में बांका जिले का एक शातिर भी शामिल है, जो वर्तमान में लहेरी थाना क्षेत्र में रह रहा था। *मोबाइल और साक्ष्य बरामद, पुलिस को मिली बड़ी लीड* गिरफ्तार अपराधियों के पास से पुलिस ने रंगदारी मांगने में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए हैं। कुल 8 स्मार्टफोन, एक कीपैड फोन, तीन आधार कार्ड और वह पर्ची भी बरामद की गई है, जिस पर पीड़ित व्यवसायी का मोबाइल नंबर लिखकर साजिश रची गई थी। इन साक्ष्यों से अपराधियों के खिलाफ मामला और मजबूत हो गया है। *नालंदा पुलिस की तत्परता की हो रही सराहना* व्यवसायी वर्ग के बीच इस कार्रवाई से राहत की लहर है। पुलिस की संयुक्त टीम, जिसमें पावापुरी थानाध्यक्ष और सशस्त्र बल के जवान भी शामिल थे, ने जिस तेजी से गिरोह का खुलासा किया, उसकी सराहना की जा रही है। थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है और पूछताछ में कई अन्य घटनाओं के सुराग मिलने की संभावना है।






