सारण पुलिस द्वारा वर्ष 2025 के वार्षिक अपराध आंकड़ों का पिछले चार वर्षों (2021-2024) के समेकित औसत के साथ तुलनात्मक विश्लेषण किया गया है। डॉ कुमार आशीष, पुलिस उप महानिरीक्षक – सह – वरीय पुलिस अधीक्षक, सारण के कुशल निर्देशन में अपनाई गई सजग पुलिसिंग और निवारक रणनीतियों के कारण जिले में संगीन अपराधों के ग्राफ में व्यापक गिरावट दर्ज की गई है।
📊 तुलनात्मक सांख्यिकीय विवरण (प्रतिशत में सुधार):
1. हत्या (Murder): हत्या के मामलों में 15% की गिरावट।
2. लूट (Robbery): घटनाओं में 50% की प्रभावी कमी।
3. डकैती (Dacoity): कुल दर्ज मामलों में 33% की कमी।
4. चोरी (Theft): संपत्ति संबंधी अपराधों में 22% की कमी।
5. आर्म्स एक्ट (Arms Act): अवैध शस्त्रों के प्रचलन में 17% की कमी।
6. दंगा (Riots): सामान्य दंगों में 78% एवं भीषण दंगों में 50% की अभूतपूर्व कमी।
🛡️ अपराध नियंत्रण हेतु उठाए गए प्रमुख प्रशासनिक एवं विधायी कदम:
1. प्रभावी कार्रवाई एवं मुठभेड़ (Operations & Encounters):
विधि-व्यवस्था बनाए रखने हेतु पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई के दौरान 05 कांडों में 07 कुख्यात वांछित अपराधियों को मुठभेड़ के पश्चात घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया। इन कार्रवाइयों ने अपराधियों के मनोबल को तोड़ने और कानून का इकबाल स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसका संक्षिप्त विवरण नीचे दिया गया है:-
👉डॉ० सजल अपहरण कांड: इस घटना में हथियार बरामदगी के दौरान रंजन राय और सोनू राय ने पुलिस पर फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी और वे घायल हो गए।
👉मांझी शराब माफिया मुठभेड़: नदी मार्ग से शराब तस्करी कर रहे गिरोह से हुई मुठभेड़ में मुख्य तस्कर अजय राय पुलिस की गोली से घायल हुआ।
👉छोटी तेलपा हत्या कांड: कुख्यात अपराधी नंदकिशोर राय उर्फ शिकारी राय पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ।
👉 एकमा तिलकार मुठभेड़: पुलिस और अपराधियों के बीच हुई सीधी फायरिंग में 1 लाख का इनामी मुन्ना मियां और उसका साथी रंजीत सिंह घायल हुए।
👉 तरैया मुठभेड़: एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान कुख्यात रणधीर यादव उर्फ भुअर पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से घायल हुआ।
साथ ही जिले के TOP 10 अपराधियों की सुची बनाकर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
2. सुदृढ़ गश्त प्रणाली (Super & Beat Policing):
रात्रि सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने हेतु ‘सुपर पेट्रोलिंग’ की शुरुआत की गई, जिसकी निगरानी वरीय पदाधिकारियों द्वारा की जा रही है। साथ ही, ‘बीट पुलिसिंग’ के माध्यम से पुलिस की पहुँच प्रत्येक मोहल्ले और ग्रामीण अंचलों के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित की गई है।
3. सघन वाहन चेकिंग एवं बॉर्डर सर्विलांस:
जिले के रणनीतिक बिंदुओं और अंतर्जिला सीमाओं पर नियमित ‘एंटी-क्राइम वाहन चेकिंग’ अभियान चलाया जा रहा है। इससे संदिग्ध गतिविधियों और अवैध परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगा है।
4. तकनीकी निगरानी एवं ‘डायल 112’:
‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत सीसीटीवी नेटवर्क का विस्तार और ‘ERSS-112’ के न्यूनतम रिस्पांस टाइम ने अपराध नियंत्रण और उद्भेदन की प्रक्रिया को और अधिक तीव्र और वैज्ञानिक बनाया है।
5. प्रिवेंटिव पुलिसिंग एवं जन-संवाद:
सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत विभिन्न शांति समितियों के साथ निरंतर संवाद और छोटे विवादों का समयबद्ध निस्तारण दंगों और आपसी संघर्षों में आई कमी का मुख्य कारक रहा है।
सारण पुलिस जिले में भयमुक्त वातावरण, शांति और सुशासन सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। भविष्य में भी अपराधियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।






